समस्तीपुर, 07 जनवरी 2026: शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मज़बूत बनाने और अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से समस्तीपुर के उजियारपुर अंचल में नवनिर्मित 720 बेड वाले भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय का आज जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने सघन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य पठन-पाठन भवन, छात्रावास, भोजनालय, प्रशासनिक खंड और अन्य सहायक संरचनाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता और सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि “भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, अब प्राथमिकता विद्यालय का नामांकन शुरू कर छात्रों के लिए इसे पूरी तरह से तैयार करना है।”
अधिकारियों को कड़े निर्देश
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद भवन निर्माण विभाग के अभियंताओं और कल्याण विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि छोटे-मोटे फिनिशिंग कार्य युद्ध स्तर पर पूर्ण किए जाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि “संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि छात्रावास और विद्यालय का संचालन बिना किसी बाधा के शुरू हो सके। नामांकन प्रक्रिया के लिए नियमावली तैयार कर जल्द सूचना प्रकाशित की जाए।”
छात्रावास और सुविधाएँ
यह नवनिर्मित आवासीय विद्यालय 720 छात्रों की क्षमता वाला है। परिसर में आधुनिक पठन-पाठन भवन, प्रत्येक छात्र के लिए पर्याप्त कमरे, साफ-सुथरे शौचालय और स्नानघर, विस्तृत भोजनालय, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त क्षेत्र शामिल हैं। छात्रों की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखते हुए प्रशासन ने हर पहलू पर योजना बनाई है।
स्थानीय समुदाय और छात्रों पर प्रभाव
जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कहा, “यह विद्यालय न केवल उजियारपुर बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण शिक्षा केंद्र साबित होगा। इससे छात्रों को निःशुल्क आवासीय सुविधा मिलेगी और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।”
स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया। उजियारपुर के निवासी रामविकास यादव ने कहा, “अब हमारे बच्चों को शिक्षा के लिए दूर शहरों में जाना नहीं पड़ेगा। यह विद्यालय हमारे इलाके के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।”
मौके पर उपस्थित अधिकारी
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) दलसिंहसराय, जिला कल्याण पदाधिकारी, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता और प्रखंड एवं अंचल स्तर के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और सुनिश्चित किया कि विद्यालय संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी हों।
जिलाधिकारी ने अंत में कहा, “हमारा लक्ष्य है कि इस विद्यालय से निकलने वाले छात्र न केवल शैक्षणिक रूप से मजबूत हों बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी सशक्त बनें। यह हमारे जिले की शिक्षा नीति की नई मिसाल है।”